इलेक्टोरल बॉन्ड में चंद्रपुर से गई और भी अधिक धनराशि

कब, किस-किसको, कितने करोड़ बंटे ? कई राज़ से उठेगा पर्दा 

लेक्टोरल बॉन्ड को लेकर देश में जारी बवंडर थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। चंद्रपुर जिले से राजनीतिक दलों को कब-कब कितना चंदा गया, इसका खुलासा हम लगातार कर रहे हैं। इसी श्रृंखला में अब यहां से इलेक्टोरल बॉन्ड में गई धनराशि कौनसे राजनीतिक दलों को गई हैं, इसका हम खुलासा करने जा रहे हैं। 7 करोड़ के इलेक्टोरल बॉन्ड देने वाले वरोरा-चंद्रपुर-बल्लारपुर टोलरोड लिमिटेड नामक कंपनी ने BJP को चंदा दिया है। वहीं 5 करोड़ देने वाली स्वामी फ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड ने भी BJP को ही चंदा दिया है। जबकि चंद्रपुर के ताड़ाली स्थित धारीवाल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (डीआईएल) नामक कंपनी ने कुल 115 करोड़ में से 25 करोड़ BJP को शेष 90 करोड़ रुपये ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के झोली में डाला हैं। इसके अलावा भी चंद्रपुर जिले के उद्योगों से बड़े पैमाने पर धनराशि राजनीतिक दलों के खातों तक पहुंचने की जानकारी है। 

ज्ञात हो कि हमने पिछली खबरों में वरोरा-चंद्रपुर-बल्लारपुर टोलरोड लिमिटेड नामक कंपनी, स्वामी फ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड तथा धारीवाल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (डीआईएल) नामक कंपनी के करोड़ों रुपयों के इलेक्टोरल बॉन्ड, इन कंपनियों की गतिविधियां, विवादों में छाये रहने की जानकारी आदि का खुलासा किया था। कैसे-कैसे यह कंपनियां कब-कब, कौन-कौनसे विवादों में रहे, इसकी विस्तृत जानकारी दी गई थी। इन कंपनियों के संबंधों में मिली शिकायतों को लेकर सरकार एवं प्रशासन की ओर से गहन जांच चल रही थी। लेकिन जैसे ही इन कंपनियों ने राजनीतिक दलों को चुनावी चंदा बांटा, इनकी जांच कहां थम गई, यह आम जनता के समझ से परे हैं।

बहरहाल जब हमने इन कंपनियों के करोड़ों के दान और दान पाने वाले राजनीतिक दलों की सूची पर गौर किया तो हमें ज्ञात हुआ कि इन कंपनियों से प्राप्त 127 करोड़ रुपयों में से BJP को 37 व तृणमूल कांग्रेस को 90 करोड़ हासिल हुए हैं। इसका क्रमवार ब्योरा देखे तो ज्ञात होता है कि वरोरा-चंद्रपुर-बल्लारपुर टोलरोड लिमिटेड की ओर से भाजपा को 24 नवंबर 2023 को 7 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। वहीं स्वामी फ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से भाजपा को 11 नवंबर 2022 को 5 करोड़ हासिल हुए। जबकि धारीवाल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (डीआईएल) ने पहली 10 करोड़ की किश्त तृणमूल कांग्रेस को, दूसरी 10 करोड़ की किश्त तृणमूल कांग्रेस को ही, तीसरी 25 करोड़ की किश्त तृणमृल कांग्रेस को ही, चौथी 25 करोड़ की किश्त भाजपा को, शेष 15-15 करोड़ वाले तीन किश्त तृणमूल कांग्रेस को ही दिये।